कहानी सुनाने के सत्र. अपने आप को मौखिक कहानी सुनाने के सत्रों में व्यस्त रखें क्योंकि आप कथा कौशल विकसित करने और अपनी कहानी दूसरों के सामने व्यक्त करने में सक्षम होंगे।
रचनात्मक लेखन डिजाइनिंग/ड्राइंग विचार-मंथन मेहतर शिकार पर्यावरण अन्वेषण नृत्य एवं संगीत कक्षाएं कुछ गतिविधियाँ ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड से की जाती हैं
2.
# पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चंदेरी
## *Best Practices के अंतर्गत विद्यालय की दो अभिनव पहल*
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चंदेरी द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, पठन कौशल में सुधार तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय में *“Best Practices”* के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहलों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन पहलों के नाम हैं—
### 1. *“More We Read, More We Learn” – अधिक पढ़ें, अधिक सीखें*
विद्यार्थियों में पठन के प्रति रुचि विकसित करने तथा उनके *Reading Skills, उच्चारण, शब्द-भंडार, समझने की क्षमता एवं आत्मविश्वास* में वृद्धि करने के उद्देश्य से विद्यालय द्वारा *“More We Read, More We Learn”* पहल प्रारंभ की गई है।
इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक पीरियड में से *5 मिनट का समय बचाकर एक विशेष “Reading Period”* के रूप में उपयोग किया जाता है। इस अवधि में विद्यार्थी अपनी कक्षा एवं स्तर के अनुरूप विभिन्न पाठ्य सामग्री, कहानियाँ, पुस्तकें, समाचार-पत्र, बाल साहित्य एवं अन्य उपयोगी सामग्री का पठन करते हैं।
इस पहल की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय में एक *Observation Team* गठित की गई है। टीम द्वारा प्रत्येक कक्षा में प्रतिदिन पठन गतिविधि का अवलोकन किया जाता है तथा विद्यार्थियों की सहभागिता, पठन प्रवाह, उच्चारण, शब्दों की पहचान एवं समझ के आधार पर *दैनिक मूल्यांकन* किया जाता है।
इस नियमित प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रतिदिन पढ़ने की आदत विकसित हो रही है और उनमें भाषा संबंधी दक्षताओं के साथ-साथ *आत्मविश्वास, एकाग्रता एवं सीखने की क्षमता* में भी सकारात्मक वृद्धि हो रही है।
*मुख्य उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ:*
* विद्यार्थियों में नियमित पठन की आदत विकसित करना।
* पठन प्रवाह एवं उच्चारण में सुधार करना।
* शब्द-भंडार एवं भाषा कौशल को समृद्ध करना।
* पढ़कर समझने की क्षमता को बढ़ाना।
* विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल विकसित करना।
* Observation Team द्वारा दैनिक निगरानी एवं मूल्यांकन के माध्यम से निरंतर सुधार सुनिश्चित करना।
—
### 2. *“Eco-Friendly School” – पर्यावरण अनुकूल विद्यालय*
विद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में *“Eco-Friendly School”* पहल संचालित की जा रही है। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य विद्यालय परिसर में उत्पन्न *जैव-अवक्रमणीय (Biodegradable) अपशिष्ट पदार्थों का उचित एवं उपयोगी प्रबंधन* करना है।
विद्यालय में जैव-अवक्रमणीय अपशिष्ट सामग्री का उपयोग करके *Organic Compost (जैविक खाद)* तैयार की जाती है। तैयार की गई जैविक खाद का उपयोग विद्यालय परिसर में लगाए गए *पौधों, पौधशाला (Saplings), वृक्षारोपण तथा Herbal Plants* में किया जाता है।
इस प्रक्रिया से अपशिष्ट पदार्थ का पुनः उपयोग सुनिश्चित होता है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। जैविक खाद के उपयोग से पौधों की वृद्धि एवं *उत्पादकता में वृद्धि* हो रही है तथा विद्यालय परिसर अधिक हरा-भरा एवं पर्यावरण-अनुकूल बन रहा है।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को *Waste Management, Composting, Recycling, Plantation एवं Environmental Conservation* का व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त हो रहा है। विद्यार्थी स्वयं पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में भाग लेकर *“Reduce, Reuse and Recycle”* की भावना को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
*मुख्य उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ:*
* जैव-अवक्रमणीय कचरे का वैज्ञानिक एवं उपयोगी प्रबंधन।
* विद्यालय परिसर में Organic Compost तैयार करना।
* तैयार जैविक खाद का पौधों एवं Herbal Garden में उपयोग।
* पौधों की वृद्धि एवं उत्पादकता में सुधार।
* स्वच्छ एवं हरित विद्यालय परिसर का निर्माण।
* विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना।
* Sustainable एवं Eco-Friendly Practices को विद्यालय की नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाना।
## *निष्कर्ष*
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय चंदेरी की ये दोनों पहलें—*“More We Read, More We Learn”* एवं *“Eco-Friendly School”—शिक्षा को केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के **ज्ञान, कौशल, व्यवहार, पर्यावरणीय चेतना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व* से जोड़ने का प्रयास हैं।
इन Best Practices के माध्यम से विद्यालय एक ओर विद्यार्थियों में *पठन संस्कृति* को मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर *स्वच्छ, हरित एवं सतत विद्यालय* की अवधारणा को साकार कर रहा है। इन पहलों की नियमित निगरानी, सहभागिता एवं मूल्यांकन के माध्यम से विद्यालय निरंतर सुधार की दिशा में अग्रसर है।